अभी और चढ़ेगा सोना चांदी ! पर क्यों ?
इस माहौल में निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों से पैसा निकालकर सेफ इन्वेस्टमेंट की
-कभी चीन पर भारी टैरिफ
-कभी यूरोप को व्यापार युद्ध की धमकी-कभी आयात शुल्क बढ़ाने का एलान
-और कभी पुराने ट्रेड एग्रीमेंट्स को खत्म करने की बात
ऐसे बयानों और नीतियों से ग्लोबल बिज़नेस और निवेशकों के बीच भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ जाती है।
जब निवेशकों को यह भरोसा नहीं रहता कि:
-कल बाजार किस दिशा में जाएगा
-और कौन सी अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित होगी
स्टॉक मार्केट क्यों सबसे पहले असर में आता है?
स्टॉक मार्केट सीधे तौर पर:-कंपनियों की कमाई
सप्लाई चेन और आर्थिक स्थिरता से जुड़ा होता है।
-जैसे ही ट्रेड वॉर या टैरिफ की बात सामने आती है:
-मुनाफा घटने की आशंका होती है
-निवेशकों का भरोसा डगमगाता है
नतीजा: शेयर बाजार में गिरावट, वोलैटिलिटी और अनिश्चितता
यही वजह है कि ऐसे समय में बड़े संस्थागत निवेशक, म्यूचुअल फंड्स और विदेशी निवेशक स्टॉक
सेफ इन्वेस्टमेंट क्या होता है और निवेशक क्यों ढूंढते हैं?
जब मार्केट में डर का माहौल होता है, तब निवेशक ऐसे एसेट्स की तलाश करते हैं जो:-पूंजी को सुरक्षित रखें
-भारी गिरावट से बचाएं
-लंबे समय तक वैल्यू बनाए रखें।
इन्हें ही कहा जाता है Safe Haven Investments।
और इस लिस्ट में सबसे ऊपर आते हैं:
✔️ सोना (Gold)
✔️ चांदी (Silver
सोना और चांदी क्यों माने जाते हैं सबसे सुरक्षित निवेश?
सोना और चांदी सिर्फ कीमती धातुएं नहीं हैं, बल्कि ये सदियों से भरोसे का प्रतीक रहे हैं।
🔑 मुख्य कारण:
इनकी कीमतों में तेज गिरावट बहुत कम होती है
-आर्थिक संकट, मंदी और युद्ध के समय भी इनकी वैल्यू बनी रहती है-महंगाई (Inflation) के खिलाफ यह मजबूत सुरक्षा कवच हैं
यही वजह है कि जब भी ग्लोबल लेवल पर संकट आता है, निवेशक सोना-चांदी खरीदने लगते हैं।
ग्लोबल नियम No 2 .
डिमांड बढ़ते ही क्यों उछल जाते हैं भाव?
सोने और चांदी की सबसे बड़ी खासियत है —लाखों निवेशक एक साथ -सेफ इन्वेस्टमेंट की तरफ शिफ्ट होते हैं तब
गोल्ड ETF, फिजिकल गोल्ड और सिल्वर में खरीदारी बढ़ती है
तो:
-डिमांड तेजी से बढ़ती है
-सप्लाई उतनी तेजी से नहीं बढ़ पाती
बड़े निवेशक और बैंक भी क्यों खरीद रहे हैं गोल्ड?
-इंटरनेशनल फंड्स
-हेज फंड्स
क्यों?
-डॉलर पर निर्भरता घटाने के लिए-विदेशी मुद्रा जोखिम से बचने के लिए
-लॉन्ग टर्म सिक्योरिटी के लिए
जब इतने बड़े प्लेयर्स बाजार में उतरते हैं, तो कीमतों पर असर होना तय है।
अब तो चांदी भी काट रही चांदी !
चांदी को मिल रहा है डबल फायदा
चांदी सिर्फ सेफ इन्वेस्टमेंट नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल मेटल भी है।
-सोलर पैनल
-इलेक्ट्रिक व्हीकल्स
-इलेक्ट्रॉनिक्स
-ग्रीन एनर्जी
एक तरफ निवेशकों की सेफ-हेवन डिमांड
दूसरी तरफ इंडस्ट्रियल डिमांड
👉 यही वजह है कि चांदी के भाव कई बार सोने से भी ज्यादा तेजी दिखा रहे हैं।
अब आगे क्या? क्या यह तेजी जारी रहेगी?
मार्केट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि:
जब तक ट्रेड पॉलिसी में स्पष्टता नहीं आती
जब तक ग्लोबल तनाव बना रहता है
और जब तक निवेशकों का भरोसा स्टॉक मार्केट पर पूरी तरह वापस नहीं आता।
👉 सोना और चांदी मजबूत बने रह सकते हैं।
हालांकि बीच-बीच में मुनाफावसूली से हल्की गिरावट संभव है, लेकिन लॉन्ग टर्म ट्रेंड अभी भी बुलिश
माना जा रहा है। कारण :- डर में और चमकता है सोना
ट्रम्प की अनसर्टेन ट्रेड पॉलिसीज़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि:
-स्टॉक मार्केट भरोसे पर चलता है
-और जब भरोसा डगमगाता है, तो निवेशक सुरक्षा की ओर भागते हैं
-सोना और चांदी इसी भरोसे का नाम हैं।
यही कारण है कि आज ग्लोबल इन्वेस्टर्स शेयर बाजार से दूरी बनाकर गोल्ड और सिल्वर को अपना
सबसे सुरक्षित ठिकाना बना रहे हैं।
