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Iran Protests Latest News Hindi

ईरान में हालात बेकाबू: देशभर में हिंसक प्रदर्शन, इंटरनेट बंद, 100 से ज़्यादा मौतें | 

Iran Latest News Hindi



NB7 -तेहरान:  ईरान इस समय अपने सबसे गंभीर राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है। देश के कई बड़े शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सरकार को इंटरनेट बंद, सेना तैनात और हजारों लोगों को गिरफ्तार करना पड़ा है।
आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ईरान में आखिर हो क्या रहा है, इसके पीछे की वजह क्या है और इसका असर दुनिया पर क्यों पड़ सकता है।

ईरान में प्रदर्शन क्यों भड़के? (Iran Protest Reason)

ईरान में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत आर्थिक परेशानियों से हुई थी, लेकिन अब यह आंदोलन सरकार और सत्ता व्यवस्था के खिलाफ गुस्से में बदल चुका है।

मुख्य कारण:

महंगाई 40% से ज्यादा

ईरानी मुद्रा रियाल की भारी गिरावट

तेल-समृद्ध देश होने के बावजूद आम जनता की हालत खराब

युवाओं में बेरोज़गारी और भविष्य को लेकर निराशा

सरकार पर धार्मिक सख्ती और आज़ादी पर रोक के आरोप
 

शुरुआत में लोग रोटी, रोज़गार और महंगाई को लेकर सड़कों पर उतरे थे, लेकिन अब नारे सीधे 

सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई और इस्लामी शासन के खिलाफ लग रहे हैं।


कितनी हिंसा हुई? अब तक क्या हालात हैं?


-ईरान के हालात तेजी से बिगड़े हैं।

-अब तक की बड़ी घटनाएं

-116 से ज्यादा लोगों की मौत

-2600 से अधिक गिरफ्तार

-पूरे देश में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद

सेना और IRGC (रिवोल्यूशनरी गार्ड) सड़कों पर तैनात

-कई शहरों में अस्पतालों पर दबाव

सरकार का कहना है कि प्रदर्शनकारियों में “विदेशी ताकतों के एजेंट” शामिल हैं, जबकि 

मानवाधिकार संगठन इसे जनता की आवाज़ बता रहे हैं।


इंटरनेट बंद क्यों किया गया? 

(Iran Internet Shutdown)


ईरान सरकार ने देश के ज़्यादातर हिस्सों में:

इंटरनेट

सोशल मीडिया

कॉलिंग ऐप्स


पूरी तरह बंद कर दिए हैं।


सरकार की मंशा:

प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो बाहर न जाएं

लोग एक-दूसरे से जुड़ न सकें

अंतरराष्ट्रीय दबाव कम रहे

हालांकि कुछ लोग सैटेलाइट इंटरनेट (Starlink) के ज़रिए जानकारी बाहर भेजने की कोशिश कर 

रहे हैं, लेकिन सरकार उस पर भी रोक लगाने की कोशिश कर रही है।


सरकार का सख्त रुख: चेतावनी और दमन

ईरान सरकार ने साफ कहा है:

जो लोग दंगे फैला रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा


सरकार के कदम:

प्रदर्शनकारियों को “ईश्वर का दुश्मन” बताया

कुछ मामलों में मृत्युदंड की चेतावनी

सुरक्षा बलों द्वारा लाइव फायरिंग की खबरें

विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी, इज़राइल के लिए जासूसी का आरोप

इस सख्ती ने हालात को और भड़का दिया है।

ईरान की अर्थव्यवस्था क्यों चरमरा गई?


ईरान पर लंबे समय से:

अमेरिकी प्रतिबंध

बैंकिंग सिस्टम पर रोक

तेल निर्यात में दिक्कत

इसका असर:

आम आदमी की कमाई घट गई

खाने-पीने की चीजें महंगी

बिजली, गैस और ईंधन संकट

युवा वर्ग में गुस्सा
यही आर्थिक दर्द अब राजनीतिक विस्फोट में बदल गया है।


दुनिया की प्रतिक्रिया: अमेरिका, इज़राइल और UN

अमेरिका की प्रतिकिर्या :

प्रदर्शनकारियों के मानवाधिकारों का समर्थन

चेतावनी: “अत्यधिक बल प्रयोग बर्दाश्त नहीं”
इज़राइल :

हाई अलर्ट

ईरान पर नज़र
 

संयुक्त राष्ट्र:

शांति और संवाद की अपील

मानवाधिकार उल्लंघन पर चिंता
ईरान ने भी पलटवार में कहा है:

अगर अमेरिका या इज़राइल ने हमला किया, तो जवाब दिया जाएगा।  

इससे मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा बढ़ गया है।


आम जनता पर असर

परिवार एक-दूसरे से संपर्क नहीं कर पा रहे

स्कूल-कॉलेज प्रभावित

बाजार बंद, व्यापार ठप

डर और अनिश्चितता का माहौल

सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है।


आगे क्या? (Iran Crisis Future)

विशेषज्ञ मानते हैं:

अगर सरकार ने बातचीत का रास्ता नहीं अपनाया

आर्थिक सुधार नहीं किए

और दमन जारी रहा

तो यह संकट और गहरा सकता है।

कुछ लोग इसे 1979 की ईरानी क्रांति के बाद सबसे बड़ा जनआंदोलन मान रहे हैं।


निष्कर्ष

ईरान आज सिर्फ एक देश नहीं, बल्कि एक चेतावनी बन चुका है कि जब:

महंगाई बढ़े

आज़ादी घटे

और जनता की आवाज़ दबाई जाए


तो हालात विस्फोटक हो जाते हैं।

आने वाले दिन तय करेंगे कि ईरान संवाद की राह चुनता है या टकराव की।