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Pakistani Beggers Abroad

 

पाकिस्तानियों को यूएई का वीज़ा नहीं: कारण जान होंगें हैरान 



आजकल पाकिस्तान से जानेवाले 99 % पाकिस्तानियों के लोगों के वीजा यूनाइटेड अरब ऑफ़ अमीरात में लग नहीं रहे हैं, पकिस्तान से जानेवाले अधिकतर लोग या तो वर्क वीजा के साथ UAE जाते हैं या टूरिस्ट वीजा के साथ, किन्तु कुछ समय बाद ये लोग गायब हो जाते हैं 
अब नए नियमों के लाने का मुख्य कारण पाकिस्तानियों के पास पर्याप्त डाक्यूमेंट्स का न होना और बिना ख़ास कारण के UAE में रहना है. 

वैसे भी दक्षिण एशिया के देशों से आने वाले लोग मजदूरी की तलाश में अरब देशों में जाते हैं, इनमें सबसे ज्यादा पाकिस्तान से होते हैं, किन्तु UAE की जेलों में भी पाकिस्तानियों की भरमार है.  
UAE के नए नियमों के अनुसार अब सभी पाकिस्तानियों को वर्क या टूरिस्ट वीसा के साथ वापसी का रिटर्न टिकट, बैंक में 3000 दिरहम और रहने के लिए होटल में बुकिंग का होना अनिवार्य कर दिया गया है.



यूएई में पाकिस्तान के राजदूत फ़ैसल नियाज़ तिरमिज़ी के अनुसार ''जो पाकिस्तानी सऊदी अरब में रह रहे हैं, उन्हें भी दुबई जाने के लिए वीज़ा नहीं मिल पा रहा है. जो पाकिस्तानी यूएई के लिए वीज़ा का आवेदन कर रहे हैं, उनमें से 99 प्रतिशत लोगों के आवेदन रिजेक्ट हो जा रहे हैं.''

पाकिस्तानी राजदूत के अनुसार पाकिस्तानी UAE में रह कर UAE  के कानूनों में कमियां निकालने लगते हैं या वह सारे काम करते हैं जिन्हें UAE में अच्छा नहीं माना जाता। जबकि उन्हें यहाँ के कानूनों का सम्मान करना चाहिए  और सिर्फ अपने रोजगार पर ध्यान देना चाहिए 
  
UAE की कुल आबादी का सिर्फ 12 % वहां की स्थानीय आबादी है ,  जबकि 80 % आबादी बहार से आ कर बसे लोग है जो कभी न कभी काम की तलाश में UAE में आ कर रह रहे हैं, इनमें सबसे ज्यादा पाकिस्तानी हैं जिन्हें पहले मुस्लिम होने की वजह से अहमियत दी जाती थी, किन्तु अब आबादी के बढ़ते तस्वीर बदल गयी है, अब वहां की सरकार पाकिस्तानियों को बाहर धकेल रही है. 

पाकिस्तानियों को वीजा न देने का एक बड़ा कारण पकिस्तान से टूरिस्ट वीसा परआनेवाले लोग हैं जो UAE सिर्फ भीख मांगने का काम करने वाले लोगों का है. 
UAE में बढ़ते पाकिस्तानी भिखारियों के कारण वहां के स्थानीय लोग और सरकार खासी नाराज भी है और परेशान भी, इस कारण बहुत से पाकिस्तानी भिखारियों को वहां से जबरदस्ती वापस पाकिस्तान भेजा गया है .  

UAE की अर्थव्यवस्था अब कच्चे तेल पर आधारित न हो कर टूरिस्म- बैंकिंग और आईटी कंपनियों के व्यवसाय पर निर्भर होती जा रही है. इसलिए अब UAE को मजदूरों की नहीं, Skilled Workers की जरूरत है.  पाकिस्तान के बजाय भारत से आने वाले अधिकतर लोग या तो एक्सपर्ट वर्कर होते हैं या स्किल्ड वर्कर । 'भारत पर इतनी सख़्ती नहीं है, जितनी पाकिस्तान पर है.”