कंप्यूटर और कंप्यूटर पार्ट्स के दाम क्यों चढ़ रहे हैं?
पिछले डेढ़–दो साल में कंप्यूटर, लैपटॉप और उनके पार्ट्स की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी देखने को मिली है। बाजार में नया सिस्टम खरीदना महंगा हुआ ही है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि पुराने पार्ट्स — जैसे RAM, SSD, ग्राफिक्स कार्ड, मदरबोर्ड — इनके रेट भी काफी ऊपर चले गए हैं। कई जगहों पर कीमतें लगभग डेढ़ गुना तक बढ़ चुकी हैं।
खासकर नए स्टूडेंट्स और मिडिल क्लास खरीदार यह समझ नहीं पा रहे कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट सस्ते होने की बजाय महंगे होते जा रहे हैं।
इस रिपोर्ट में हम आसान, सामान्य भाषा में समझेंगे:
--कीमतें क्यों बढ़ रही हैं
--क्या चीन से इम्पोर्ट और करेंसी रेट इसका बड़ा कारण है1-RAM (मेमोरी)
2 - SSD / NVMe स्टोरेज3 - ग्राफिक्स कार्ड (GPU)
4 - मदरबोर्ड
5 - लैपटॉप
6 - हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर वाले सिस्टम
7 - सेकेंड-हैंड (पुराने) पार्ट्स
सीधा जवाब — हाँ, काफी हद तक।
दुनिया के ज्यादातर कंप्यूटर पार्ट्स का:
-निर्माण
-असेंबलीया तो सीधे चीन में होती है, या चीन आधारित सप्लाई चेन से जुड़ी होती है।
कई बड़ी टेक कंपनियाँ अपने पार्ट्स का निर्माण या असेंबली चीन में करवाती हैं। इसके अलावा चिप
इसका मतलब:
👉 अगर चीन या एशिया क्षेत्र में लागत बढ़ती है — तो पूरी दुनिया में पार्ट्स महंगे हो जाते हैं।
गिरता रुपया — डॉलर महंगा = सभी पार्ट्स महंगे
यह एक बहुत बड़ा कारण है जिसे आम खरीदार अक्सर नजरअंदाज कर देता है।
भारत में आने वाले ज्यादातर कंप्यूटर पार्ट्स की कीमत डॉलर में तय होती है। जब:
डॉलर मजबूत होता है
और भारतीय रुपया कमजोर होता है तो इम्पोर्ट की लागत अपने आप बढ़ जाती है।मतलब :
पहले जो पार्ट $100 में आता था, अगर डॉलर रेट बढ़ गया — तो वही पार्ट भारत में ज्यादा रुपये में
इसका सीधा असर पड़ता है:
-कंप्यूटर पार्ट्स पर
-लैपटॉप पर
-IT एक्सेसरीज़ पर
यानी करेंसी रेट भी कीमत बढ़ने का एक प्रमुख कारण है — सिर्फ कंपनी की मनमानी नहीं।
मेमोरी और चिप की वैश्विक कमी — बड़ा कारण
दुनिया भर में अभी मेमोरी चिप और स्टोरेज चिप की भारी मांग चल रही है। कारण:-बड़े डेटा सेंटर बन रहे हैं
-क्लाउड सर्वर बढ़ रहे हैंनतीजा:
📈 RAM और SSD महंगे
📈 लैपटॉप कॉन्फ़िगरेशन महंगे
📈 अपग्रेड करना भी महंगा
-इसके साथ साथ यदि आप पुराने कंप्यूटर पार्ट्स से अपग्रेड करना चाहते हैं वह भी लगभग नए पार्ट्स
के आसपास महंगा बिक रहा है क्योंकि अचानक पुराने पार्ट्स की डिमांड बेहतहाशा बढ़ गयी है,
पुराना कंप्यूटर का सामान बेचने वाले अब पूरा फायदा उठा रहे हैं।
2021–22 में कंप्यूटर पार्ट्स की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रहीं, लेकिन 2023 के बाद मेमोरी और
स्टोरेज चिप की वैश्विक कमी, चीन-आधारित सप्लाई चेन दबाव, डॉलर की मजबूती और
अमेरिका-चीन टैरिफ तनाव के असर से कीमतों में तेज़ उछाल देखा गया।
2024 से 2026 के बीच RAM और SSD सेगमेंट में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज हुई, जिसका सीधा
असर लैपटॉप और डेस्कटॉप सिस्टम की कुल कीमत पर पड़ा।
सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक खर्च भी बढ़ा
दुनिया भर में शिपिंग, कंटेनर, ट्रांसपोर्ट और बीमा का खर्च भी बढ़ा है।
जब फैक्ट्री से पार्ट निकलता है, तब तक वह सस्ता होता है — लेकिन:
-शिपिंग
-कस्टम ड्यूटी
-ट्रांसपोर्ट
-टैक्स
जुड़ते-जुड़ते अंतिम कीमत काफी बढ़ जाती है।
इन देशों में भी कंप्यूटर पार्ट्स महंगे हुए हैं:
-अमेरिका
-यूरोप के कई देश
-एशिया के टेक मार्केट
-ऑस्ट्रेलिया
यहां ज्यादातर पार्ट्स इम्पोर्ट होते हैं
रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआफिर पुराने पार्ट्स भी महंगे क्यों हो गए?
यह बात लोगों को सबसे ज्यादा चौंकाती है।
कारण:
1️⃣ नए पार्ट्स महंगे → लोग पुराने पार्ट्स खरीद रहे
2️⃣ डिमांड बढ़ी → सेकेंड-हैंड मार्केट में तेजी
3️⃣ स्टॉक कम → दुकानदार ज्यादा दाम मांग रहे
4️⃣ अपग्रेड करने वाले लोग पुराने पार्ट्स बेचने की बजाय रोक रहे
इसलिए: Used market भी अब सस्ता नहीं रहा।
✅ पहले जरूरत समझें
हर स्टूडेंट को हाई-एंड लैपटॉप नहीं चाहिए।
सामान्य ग्रेजुएशन के लिए पर्याप्त:i5 / Ryzen 5 लेवल प्रोसेसर
16GB RAM (अगर संभव हो)512GB SSD
अच्छी बैटरी
भरोसेमंद ब्रांड
आज के बाजार में:
-बेसिक स्टडी लैपटॉप: 40–55 हजार
-बेहतर परफॉर्मेंस: 55–75 हजार
-हाई-परफॉर्मेंस: 75 हजार+
कीमतें पहले से ज्यादा हैं — इसलिए बजट पहले तय करें।
अभी खरीदें या रुकें?
अभी खरीदें अगर:
-कोर्स शुरू हो रहा है
-तुरंत जरूरत है-3–6 महीने इंतज़ार संभव है
-आपका काम अभी पुराने सिस्टम से चल रहा हैध्यान रखें — कीमतें अचानक आधी होने की संभावना कम है, लेकिन ऑफर पीरियड में कुछ राहत
मिल सकती है।
खरीदते समय यह करें
✔ फेस्टिव सेल देखें
✔ बैंक ऑफर चेक करें
✔ स्टूडेंट डिस्काउंट पूछें
✔ वारंटी जरूर लें
✔ RAM अपग्रेड स्लॉट वाला मॉडल लें
✔ Refurbished certified भी देखें
मेमोरी और स्टोरेज की मांग अभी ऊँची रहेगी
करेंसी रेट भी असर डालते रहेंगेमतलब:
📌 बहुत बड़ी गिरावट तुरंत संभव नहीं
📌 स्थिरता आ सकती है
📌 ऑफर-आधारित राहत मिल सकती है
टैरिफ और जवाबी टैरिफ (चीन और अमेरिका दोनों ने एक दूसरे के सामान पर शुल्क लगाये) के कारण:
📌 इलेक्ट्रॉनिक सामान और कंप्यूटर से जुड़े सामान पर टैरिफ की अनिश्चितता बढ़ी।
✔ जबकि कुछ उत्पादों को बाद में छूट दी गई, अनिश्चितता बनी रही जिससे निर्माता लागत प्रबंधन के
टैरिफ की घोषणा से कंपनियों को माल के आयात पर लागत और अनिश्चितता जुड़ी, जिसके कारण
कंपनियाँ चीन पर निर्भरता कम करने और अन्य देशों में उत्पादन शिफ्ट करने में लगी हैं। यह प्रक्रिया
सरल शब्दों में पूरी बात
कंप्यूटर और पार्ट्स महंगे होने के मुख्य कारण:
चीन और एशिया से भारी इम्पोर्ट निर्भरता
डॉलर मजबूत, रुपया कमजोर👉 असर सिर्फ भारत पर नहीं — पूरी दुनिया में कीमतें बढ़ी हैं
👉 स्टूडेंट्स को घबराकर नहीं, प्लान बनाकर खरीदना चाहिए
👉 जरूरत, बजट और समय — तीनों देखकर फैसला लें
