NCERT कक्षा 9 विज्ञान (Science)
अध्याय 4 – परमाणु की संरचना (Structure of the Atom)
अध्याय का परिचय
आज हम जिस मोबाइल, कंप्यूटर, पानी, हवा, सोना, लोहा और अपने शरीर को देखते हैं,
वे सभी बहुत छोटे-छोटे कणों से बने हैं। इन सबसे छोटे कणों को परमाणु (Atom) कहा जाता है।
एक समय वैज्ञानिकों का मानना था कि परमाणु को और नहीं तोड़ा जा सकता, लेकिन बाद में पता
चला कि परमाणु के अंदर भी छोटे-छोटे कण होते हैं।
इस अध्याय में हम जानेंगे कि परमाणु क्या है, उसके अंदर कौन-कौन से कण होते हैं, इलेक्ट्रॉन किस
प्रकार व्यवस्थित रहते हैं और परमाणु की पहचान कैसे की जाती है।
परमाणु क्या है?
परमाणु (Atom) किसी भी तत्व का सबसे छोटा कण होता है, जो उस तत्व के रासायनिक गुणों को
बनाए रखता है।
उदाहरण
-सोने का सबसे छोटा कण → सोने का परमाणु-लोहे का सबसे छोटा कण → लोहे का परमाणु
-ऑक्सीजन का सबसे छोटा कण → ऑक्सीजन का परमाणु
परमाणु के मुख्य भाग:-
परमाणु में तीन प्रमुख कण होते हैं:
-प्रोटॉन (Proton) – धनात्मक (+) आवेश-न्यूट्रॉन (Neutron) – कोई आवेश नहीं
-इलेक्ट्रॉन (Electron) – ऋणात्मक (–) आवेश (ये परमाणु की कक्षाओं में बाटे होते हैं).
परमाणु की संरचना
परमाणु के बीच में एक नाभिक (Nucleus) होता है।
नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं।नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा स्तरों (K, L, M, N...) में घूमते हैं।
याद रखें
-प्रोटॉन = + आवेश-न्यूट्रॉन = 0 आवेश
-इलेक्ट्रॉन = – आवेश
परमाणु सामान्यतः उदासीन (Neutral) क्यों होता है?
क्योंकि सामान्य परमाणु में:
प्रोटॉन की संख्या = इलेक्ट्रॉन की संख्या
इसलिए धनात्मक और ऋणात्मक आवेश एक-दूसरे को संतुलित कर देते हैं।
परमाणु क्रमांक (Atomic Number) क्या है ?
परमाणु क्रमांक = प्रोटॉन की संख्या
उदाहरण:
-हाइड्रोजन = 1-कार्बन = 6
-ऑक्सीजन = 8
-सोडियम = 11
परमाणु द्रव्यमान संख्या (Mass Number) क्या है ?
परमाणु द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन
उदाहरण:
यदि किसी परमाणु में:
-प्रोटॉन = 6-न्यूट्रॉन = 6
तो द्रव्यमान संख्या = 12
समस्थानिक (Isotopes) परमाणु
जिन परमाणुओं का:-लेकिन परमाणु द्रव्यमान संख्या अलग हो (प्रोटोन और न्यूट्रॉन की संख्या का जोड़ )
उन्हें समस्थानिक कहते हैं।
उदाहरण
हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक:
-प्रोटियम (¹H)-ड्यूटेरियम (²H)
-ट्रिटियम (³H)
समभारिक (Isobars)
जिन परमाणुओं की:
-परमाणु द्रव्यमान संख्या समान हो-लेकिन परमाणु क्रमांक अलग हो
उन्हें समभारिक कहते हैं।
उदाहरण
-आर्गन-40-कैल्शियम-40
इलेक्ट्रॉनों का वितरण
इलेक्ट्रॉन निश्चित कक्षों (Shells) में रहते हैं।
K = अधिकतम 2L = अधिकतम 8
M = अधिकतम 18 (लेकिन शुरुआती तत्वों में सरल वितरण पढ़ाया जाता है)
उदाहरण
सोडियम (11)
K = 2
L = 8
M = 1
संयोजकता (Valency)
किसी तत्व की दूसरे तत्वों से जुड़ने की क्षमता को संयोजकता कहते हैं।
उदाहरण:
हाइड्रोजन = 1ऑक्सीजन = 2
नाइट्रोजन = 3
कार्बन = 4
आयन (Ion) किसे कहते हैं ?
यदि परमाणु अपना इलेक्ट्रॉन खो दे या प्राप्त कर ले, तो वह आयन बन जाता है।
धनायन (Cation) (+)
इलेक्ट्रॉन खोता है।
उदाहरण: Na⁺
ऋणायन (रिणआयन ) (Anion) (-)
इलेक्ट्रॉन प्राप्त करता है।
उदाहरण: Cl⁻
आसान उदाहरण
मान लीजिए किसी स्कूल में:
प्रिंसिपल = नाभिकशिक्षक = प्रोटॉन और न्यूट्रॉन
छात्र = इलेक्ट्रॉन
जैसे छात्र स्कूल में अलग-अलग कक्षाओं में रहते हैं, वैसे ही इलेक्ट्रॉन अलग-अलग ऊर्जा स्तरों
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण अंतर
परमाणु क्रमांक बनाम द्रव्यमान संख्या
| परमाणु क्रमांक | द्रव्यमान संख्या |
|---|---|
| केवल प्रोटॉन | प्रोटॉन + न्यूट्रॉन |
| तत्व की पहचान | परमाणु का कुल द्रव्यमान |
समस्थानिक (Isotopes) बनाम समभारिक (Isobars)
| समस्थानिक | समभारिक |
|---|---|
| परमाणु क्रमांक समान | द्रव्यमान संख्या समान |
| द्रव्यमान संख्या अलग | परमाणु क्रमांक अलग |
महत्वपूर्ण तथ्य
-परमाणु किसी तत्व का सबसे छोटा कण है।-नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं।
-इलेक्ट्रॉन नाभिक के बाहर रहते हैं।
-परमाणु क्रमांक = प्रोटॉन।
-द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन।
-सामान्य परमाणु विद्युत रूप से उदासीन होता है।
पिछले वर्षों के बोर्ड और विद्यालयी प्रश्न-पत्रों में निम्न विषय बार-बार पूछे जाते रहे हैं:
- परमाणु क्रमांक और द्रव्यमान संख्या में अंतर।
- प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन के गुण।
- समस्थानिक और समभारिक में अंतर।
- इलेक्ट्रॉनों का वितरण (2, 8, 8... के आधार पर शुरुआती तत्वों तक)।
- परमाणु की संरचना का चित्र।
- संयोजकता की गणना।
- आयन कैसे बनते हैं?
1 अंक
-परमाणु क्या है?-प्रोटॉन का आवेश क्या होता है?
-परमाणु क्रमांक किसे कहते हैं?
-न्यूट्रॉन की खोज किसने की?
-संयोजकता क्या है?
2 अंक के प्रश्न
-परमाणु क्रमांक और द्रव्यमान संख्या में अंतर लिखिए।-समस्थानिक क्या हैं? एक उदाहरण दीजिए।
-समभारिक क्या हैं? एक उदाहरण दीजिए।
3 अंक के प्रश्न
-परमाणु की संरचना का वर्णन कीजिए।-परमाणु सामान्यतः उदासीन क्यों होता है?
-इलेक्ट्रॉनों के वितरण के नियम समझाइए।
5 अंक (अधिक संभावित) के प्रश्न
-परमाणु की संरचना का चित्र बनाकर उसके सभी भागों का वर्णन कीजिए।-समस्थानिक और समभारिक में अंतर उदाहरण सहित लिखिए।
-परमाणु क्रमांक, द्रव्यमान संख्या, संयोजकता और आयन की अवधारणाओं को
2 मिनट का रिवीजन
-परमाणु = तत्व का सबसे छोटा कण।
-प्रोटॉन = +, न्यूट्रॉन = 0, इलेक्ट्रॉन = –।
-परमाणु क्रमांक = प्रोटॉन।
-द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन।
-प्रोटॉन = इलेक्ट्रॉन ⇒ परमाणु उदासीन।
-समस्थानिक = Z समान, A अलग।
-समभारिक = A समान, Z अलग।
-आयन = इलेक्ट्रॉन खोने या पाने से बनते हैं।
-संयोजकता = दूसरे तत्वों से जुड़ने की क्षमता।
NCERT कक्षा 9 विज्ञान (Exploration)
अध्याय 2 – कोशिका: जीवन की मूल इकाई
कोशिका क्या है?
जिस प्रकार ईंटों से मकान बनता है, उसी प्रकार कोशिकाओं (Cells) से सभी जीवित प्राणी
बने होते हैं।
कोशिका जीवधारियों की सबसे छोटी संरचनात्मक (Structural) और क्रियात्मक
(Functional) इकाई है।
उदाहरण
-मनुष्य करोड़ों कोशिकाओं से बना है।-पेड़-पौधे भी कोशिकाओं से बने हैं।
-बैक्टीरिया केवल एक कोशिका से बना होता है।
कोशिका की खोज किसने की ?
लगभग 1665 में रॉबर्ट हुक ने कॉर्क का पतला टुकड़ा माइक्रोस्कोप से देखा और छोटे-छोटे खाने
दिखाई दिए। इन्हें उन्होंने Cell (कोशिका) नाम दिया।
बाद में वैज्ञानिकों ने जीवित कोशिकाओं का भी अध्ययन किया।
कोशिका सिद्धांत (Cell Theory)
कोशिका सिद्धांत के मुख्य बिंदु
-सभी जीव कोशिकाओं से बने हैं।-कोशिका जीवन की मूल इकाई है।
-नई कोशिका पुरानी कोशिका से बनती है।
कोशिका के मुख्य भाग कौन कौन से हैं ?
हर कोशिका में मुख्य रूप से तीन भाग होते हैं:
- कोशिका झिल्ली (Cell Membrane)
- कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)
- केंद्रक (Nucleus)
1. कोशिका झिल्ली
यह कोशिका की बाहरी सीमा होती है।
कार्य
-कोशिका की रक्षा करती है।-आवश्यक पदार्थों को अंदर-बाहर जाने देती है।
-इसे चयनात्मक पारगम्य (Selectively Permeable) कहते हैं।
2. कोशिकाद्रव्य
झिल्ली और केंद्रक के बीच का जैली जैसा भाग।
इसी में सभी कोशिकांग (Organelles) पाए जाते हैं।
3. केंद्रक (Nucleus )
यह कोशिका का नियंत्रण केंद्र है।
कार्य
-सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है।
-आनुवंशिक जानकारी (DNA) रखता है।
कोशिकांग (Organelles) (कोशिका के मुख्य अंग)
1 - माइटोकॉन्ड्रिया
-कोशिका का ऊर्जा घर (Powerhouse) या कोशिका की रसोई-भोजन से ऊर्जा बनाता है।
2 - राइबोसोम
-प्रोटीन बनाते हैं।3 - गोल्जी तंत्र (Golgy Body)
-पदार्थों को पैक और भेजता है।4 - एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (ER)
दो प्रकार का होता है:
-RER – राइबोसोम वाले-SER – बिना राइबोसोम वाले
5 - लाइसोसोम
-खराब कोशिकांगों को नष्ट करता है।-इसे कोशिका का सफाई कर्मचारी कहा जा सकता है।
6 - क्लोरोप्लास्ट
केवल पौधों की कोशिकाओं में पाया जाता है।
इसमें क्लोरोफिल होता है जिससे पौधे प्रकाश की सहायता से (प्रकाश संश्लेषण द्वारा) भोजन बनाते
हैं।
7 - रसधानी (Vacuole)
-पानी और भोजन का भंडारण।
-पौधों में बड़ी, जानवरों में छोटी होती है।
| पौध कोशिका | जंतु कोशिका |
|---|---|
कोशिका भित्ति होती है | नहीं होती |
| क्लोरोप्लास्ट होता है | नहीं होता |
| बड़ी रसधानी | छोटी रसधानी |
| आकार अपेक्षाकृत निश्चित | आकार बदल सकता है |
महत्वपूर्ण MCQ
1. जीवन की मूल इकाई क्या है?
(A) ऊतक
(B) अंग
(C) कोशिका
(D) जीव
उत्तर: (C)
2. कोशिका की खोज किसने की?
(A) न्यूटन
(B) रॉबर्ट हुक
(C) डार्विन
(D) आइंस्टीन
उत्तर: (B)
3. कोशिका का ऊर्जा घर किसे कहते हैं?
(A) केंद्रक
(B) माइटोकॉन्ड्रिया
(C) रसधानी
(D) गोल्जी तंत्र
उत्तर: (B)
4. क्लोरोप्लास्ट कहाँ पाया जाता है?
(A) जंतु कोशिका
(B) पौध कोशिका
(C) बैक्टीरिया
(D) वायरस
उत्तर: (B)
2 मिनट रिवीजन
-कोशिका = जीवन की मूल इकाई।
-खोज = रॉबर्ट हुक।
-केंद्रक = नियंत्रण केंद्र।
-माइटोकॉन्ड्रिया = ऊर्जा घर।
-राइबोसोम = प्रोटीन निर्माण।
-क्लोरोप्लास्ट = प्रकाश संश्लेषण।
-पौध कोशिका में कोशिका भित्ति और क्लोरोप्लास्ट होते हैं।
-परासरण = पानी का चयनात्मक झिल्ली से गुजरना।
-विसरण = कणों का फैलना।
NCERT कक्षा 9 विज्ञान (नया पाठ्यक्रम 2026–27)
अध्याय 3 – ऊतक (Tissues in Action)
अध्याय का परिचय
यदि हमारे शरीर की प्रत्येक कोशिका (Cell) अलग-अलग काम करने लगे, तो शरीर ठीक से काम
नहीं कर पाएगा। इसलिए एक जैसे कार्य करने वाली कोशिकाएँ मिलकर ऊतक (Tissue) बनाती
हैं।
उदाहरण के लिए—
मांसपेशियों की कोशिकाएँ मिलकर मांसपेशी ऊतक बनाती हैं।तंत्रिका कोशिकाएँ मिलकर तंत्रिका ऊतक बनाती हैं।
पौधों में भी अलग-अलग कार्य करने वाले ऊतक होते हैं।
इस प्रकार ऊतक शरीर का कार्य आसान और अधिक प्रभावी बनाते हैं।
ऊतक (Tissue) क्या है?
परिभाषा:-
समान संरचना और समान कार्य करने वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक (Tissue) कहते हैं।
आसान उदाहरण
जैसे किसी क्रिकेट टीम में—
-बल्लेबाज़ बल्लेबाज़ी करते हैं।-गेंदबाज़ गेंदबाज़ी करते हैं।
-विकेटकीपर विकेट संभालता है।
-हर खिलाड़ी का काम अलग होता है।
उसी प्रकार शरीर में भी अलग-अलग ऊतक अलग-अलग कार्य करते हैं।
ऊतकों की आवश्यकता क्यों होती है?
यदि सभी कोशिकाएँ हर काम स्वयं करें, तो शरीर धीमी गति से काम करेगा।
ऊतक बनने से—
-काम जल्दी होता है।-शरीर अधिक कुशल बनता है।
-ऊर्जा की बचत होती है।
विशेष कार्य आसानी से हो जाते हैं।
पादप ऊतक (Plant Tissues)
पौधों में मुख्य रूप से दो प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं।
विभज्योतक ऊतक
स्थायी ऊतक
परिभाषा
जो कोशिकाएँ लगातार विभाजित होकर नई कोशिकाएँ बनाती हैं, उन्हें विभज्योतक ऊतक कहते हैं।
कार्य
-पौधे की लंबाई बढ़ाना।-तने की मोटाई बढ़ाना।
-नई शाखाएँ और पत्तियाँ बनाना।
विभज्योतक ऊतक के प्रकार
(1) शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem)
स्थान
-जड़ के सिरे पर-तने के ऊपरी भाग पर
कार्य
पौधे की लंबाई बढ़ाना।
(2) पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem)
स्थान
तने के किनारों पर।
कार्य
तने और जड़ की मोटाई बढ़ाना।
(3) अंतर्वर्ती विभज्योतक (Intercalary Meristem)
स्थान
पत्तियों के आधार तथा गाँठों के पास।
कार्य
घास जैसे पौधों को जल्दी बढ़ने में सहायता करना।
विभज्योतक ऊतक की विशेषताएँ
-कोशिकाएँ जीवित होती हैं।-लगातार विभाजन करती हैं।
-इनमें रिक्त स्थान नहीं होता।
-कोशिका भित्ति पतली होती है।
2. स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)
जब विभज्योतक कोशिकाएँ विभाजित होना बंद कर देती हैं, तब वे स्थायी ऊतक बन जाती हैं।
स्थायी ऊतक के प्रकार
सरल स्थायी ऊतक
-पैरेंकाइमा-कोलेनकाइमा
-स्क्लेरेनकाइमा
(1) पैरेंकाइमा
कार्य
भोजन संग्रह करना।प्रकाश संश्लेषण।
घाव भरना।
कार्य
पौधे को लचीलापन प्रदान करना।
(3) स्क्लेरेनकाइमा
कार्य
पौधे को मजबूती देना।
जटिल स्थायी ऊतक
-जाइलम-फ्लोएम
जाइलम क्या काम करता है ?
जड़ों से पानी और खनिज ऊपर पहुँचाता है।
फ्लोएम क्या काम करता है ?
पत्तियों में बना भोजन पूरे पौधे तक पहुँचाता है।
जंतु ऊतक (Animal Tissues)
जानवरों में चार मुख्य ऊतक होते हैं।
उपकला ऊतक
संयोजी ऊतक
पेशीय ऊतक
तंत्रिका ऊतक
1. उपकला ऊतक (Epithelial Tissue)
यह शरीर की बाहरी सतह और आंतरिक अंगों को ढकता है।
कार्य
-सुरक्षा-अवशोषण
-स्राव
उदाहरण
-त्वचा-मुँह की परत
-आँत
यह शरीर के विभिन्न भागों को जोड़ता है।
उदाहरण
-रक्त-हड्डी
-उपास्थि
-स्नायु (Tendon)
-अस्थिबंध (Ligament)
कार्य
-सहारा देना-जोड़ना
-पोषण पहुँचाना
3. पेशीय ऊतक (Muscular Tissue)
यह शरीर में गति उत्पन्न करता है।
प्रकार
(1) ऐच्छिक मांसपेशी
हम अपनी इच्छा से चला सकते हैं।
उदाहरण
-हाथ-पैर
(2) अनैच्छिक मांसपेशी
अपने आप कार्य करती हैं।
उदाहरण
-पेट-आँत
(3) हृदय मांसपेशी
केवल हृदय में पाई जाती है।
जीवन भर लगातार कार्य करती है।
4. तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue)
यह शरीर में संदेश पहुँचाने का कार्य करता है।
मुख्य कोशिका
न्यूरॉन (Neuron)
कार्य
-मस्तिष्क और शरीर के बीच संदेश पहुँचाना।-प्रतिक्रिया कराना।
मांसपेशी एवं अस्थि तंत्र (Musculoskeletal System)
हमारा शरीर केवल हड्डियों से नहीं चलता।
हड्डियाँ + मांसपेशियाँ + जोड़
मिलकर शरीर को चलाते हैं।
हड्डियों के कार्य
-शरीर को आकार देना।-अंदरूनी अंगों की रक्षा करना।
-चलने-फिरने में सहायता करना।
-कैल्शियम संग्रह करना।
जोड़ों (Joints) के प्रकार
1. स्थिर जोड़
जिसमें कोई गति नहीं होती।
उदाहरण
-खोपड़ी।
2. चल जोड़
जिसमें गति होती है।
बॉल एवं सॉकेट जोड़
उदाहरण
-कंधा
-कूल्हा
हिंज जोड़
उदाहरण
-घुटना
-कोहनी
पिवट जोड़
उदाहरण
-गर्दन
ग्लाइडिंग जोड़
उदाहरण
-कलाई
सही शारीरिक मुद्रा (Posture)
यदि बैठने और चलने का तरीका सही हो,
तो रीढ़ की हड्डी स्वस्थ रहती है।
सही मुद्रा
✔ सीधे बैठें।
✔ झुककर न पढ़ें।
✔ भारी बैग दोनों कंधों पर लें।
✔ मोबाइल देखते समय गर्दन अधिक न झुकाएँ।
व्यायाम क्यों आवश्यक है?
व्यायाम से—
-हड्डियाँ मजबूत होती हैं।
-मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं।
-शरीर लचीला रहता है।
-मोटापा कम होता है।
हड्डियों की देखभाल
कैल्शियम युक्त भोजन खाएँ।-विटामिन D लें।
-धूप में समय बिताएँ।
-नियमित व्यायाम करें।
-गिरने से बचें।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
✔ ऊतक = समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह।
✔ विभज्योतक = वृद्धि।
✔ जाइलम = पानी।
✔ फ्लोएम = भोजन।
✔ उपकला = सुरक्षा।
✔ संयोजी = जोड़ना।
✔ पेशीय = गति।
✔ तंत्रिका = संदेश।
अध्याय का सार:
पौधों और जंतुओं दोनों में अलग-अलग प्रकार के ऊतक होते हैं। प्रत्येक ऊतक का अपना विशेष
कार्य होता है। विभज्योतक ऊतक पौधों की वृद्धि कराता है, जबकि स्थायी ऊतक विभिन्न आवश्यक
कार्य करते हैं। जंतुओं में उपकला, संयोजी, पेशीय और तंत्रिका ऊतक मिलकर शरीर को सुरक्षित
रखते हैं, गति प्रदान करते हैं और संदेशों का आदान-प्रदान कराते हैं। हड्डियाँ, मांसपेशियाँ और जोड़
मिलकर हमारे शरीर को चलने-फिरने योग्य बनाते हैं। सही मुद्रा, संतुलित भोजन और नियमित
व्यायाम से हमारा अस्थि एवं मांसपेशी तंत्र स्वस्थ रहता है।
2 मिनट का रिवीजन
- ऊतक = समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह।
विभज्योतक = नई कोशिकाएँ बनाता है।
स्थायी ऊतक = विशेष कार्य करते हैं।
जाइलम = पानी का परिवहन।
फ्लोएम = भोजन का परिवहन।
उपकला = सुरक्षा।
संयोजी = जोड़ना।
पेशीय = गति।
तंत्रिका = संदेश।
हड्डियाँ + मांसपेशियाँ + जोड़ = शरीर की गति।
सही मुद्रा और नियमित व्यायाम स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक हैं।


